डॉ. भीमराव
आंबेडकर
संविधान निर्माता · समाज सुधारक · न्यायविद्
जन्म
14 अप्रैल, 1891
महापरिनिर्वाण
6 दिसंबर, 1956
उपाधियाँ
32+ डिग्रियाँ

बाबासाहेब
भारत के महानायक
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एक महान जीवन की गाथा

📷 Wikipedia Commons
शिक्षा
कोलंबिया व लंदन विश्वविद्यालय
पेशा
न्यायविद्, अर्थशास्त्री, राजनेता
संविधान
भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार
पद
प्रथम कानून मंत्री, भारत सरकार
धर्म
बौद्ध धर्म में दीक्षा — 1956
सम्मान
भारत रत्न (मरणोपरांत) — 1990
"शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।
— डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर (14 अप्रैल 1891 – 6 दिसंबर 1956) भारत के महान न्यायविद्, अर्थशास्त्री, राजनेता और समाज सुधारक थे। वे भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार थे और स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री रहे।
महार जाति में जन्मे बाबासाहेब ने अपने जीवनकाल में अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध अथक संघर्ष किया। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय (न्यूयॉर्क) और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की और अनेक डॉक्टरेट उपाधियाँ अर्जित कीं।
वे दलितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन लड़ते रहे। उन्होंने बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की और महाड सत्याग्रह, कालाराम मंदिर प्रवेश आंदोलन जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया।
14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में उन्होंने अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। 6 दिसंबर 1956 को उनका महापरिनिर्वाण हुआ। 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
32+
उपाधियाँ
50+
पुस्तकें
₹64
की तनख्वाह छोड़ी (1947)
बाबासाहेब के प्रेरक वचन
जिन विचारों ने करोड़ों लोगों को प्रेरणा दी और एक नया भारत बनाने में योगदान दिया।
जीवन लंबा होने की बजाय महान होना चाहिए।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह अलग है कि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
💙 उनके विचार आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
वे मील के पत्थर जिन्होंने भारत का इतिहास बदल दिया।
डॉक्टरेट की उपाधि
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट प्राप्त की। उनकी थीसिस "The Problem of the Rupee" आज भी प्रासंगिक है।
महाड सत्याग्रह
अछूतों के लिए सार्वजनिक जल स्रोत का अधिकार दिलाने के लिए ऐतिहासिक महाड सत्याग्रह का नेतृत्व किया।

संविधान निर्माण
भारतीय संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखी।
धम्म दीक्षा
14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में 6 लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया — इतिहास का सबसे बड़ा धर्मांतरण।
जय भीम
नमन है उस महामानव को
जिनके संघर्ष, त्याग और दूरदर्शिता ने करोड़ों वंचितों को सम्मान और अधिकार दिलाए। उनकी विरासत हमें सदैव प्रेरित करती रहेगी।
जन्म जयंती
14 अप्रैल
आंबेडकर जयंती
महापरिनिर्वाण दिवस
6 दिसंबर
श्रद्धांजलि दिवस